तुम्हारी चूत गजब है antarvasna

Antarvasna, sex stories in hindi: मैं अपने पति के साथ दिल्ली में रहने वाली एक 35 साल की महिला हूँ। मेरे पति कंपनी के काम से बाहर जाते ही रहते थे। मैं हमेशा घर पर अकेला महसूस करती इसलिए मैं पडोस मे रहने वाली अपनी सहेली सुधा के घर चली जाती थी और उसके साथ समय बिताती। एक दिन मैं सुधा के घर गई दरवाजा खुला था तो मै अंदर चली गई मैने सुधा को आवाज दी मुझे लगा वह बेडरूम मे होगी लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। मैं जाने ही वाली थी मैंने देखा एक युवक जो बाथरूम से बाहर आ रहा था उसका शरीर तौलिया से ढका हुआ था, लेकिन उसका ऊपरी शरीर नग्न था। उसका शरीर गठीला था उसके छाती पर बाल थे उसके चौड़े कंधे देख मै खुश थी। वह नौजवान युवक मुस्कुराते हुए मेरे पास आया और कहा सुधा दीदी अभी घर पर नहीं है वह दोपहर तक आ जाएगी। मैंने मुस्कुराते हुए उसे सिर हिलाते हुए कहा ठीक है और मै अपने घर चली आई।

शाम को मैं सुधा से मिलने गई हम दोनो बात कर ही रहे थे मैंने उस युवक को देखा इस बार वह शायद अपने काम से लौट रहा था। सुधा ने मुझसे उसका परिचय कराया वह सुधा का भाई है उसका नाम मनोज है। जब सुधा ने मेरा परिचय कराया तो मनोज ने कहा मै आज सुबह इनसे मिल लिया था। उसने हाथ मिलाने के लिए अपना हाथ मेरी तरफ किया मैंने भी अपना हाथ उसकी तरफ कर दिया। हमने एक दूसरे से हाथ मिलाया मेरे अंदर कुछ हो गया था। वह अब कमरे मे चला गया सुधा ने मुझे मनोज के बारे मे बताया। वह एक प्रतिष्ठित कंपनी मे कुछ समय पहले ही नौकरी लगा था। जब वह मुझे मनोज के बारे मे बता रही थी तो मैं उसके बारे मे सोच रहा थी। मैंने एक दिन मनोज को आते देखा मै उस से बात करने लगी हम दोनो बात करते हुए चल रहे थे हम दोनो अकेले थे मैं मनोज के बारे मे सोच रही थी हम दोनो घर पर पहुंच चुके थे मै अपने घर के अंदर चली गई। जब मै घर पहुंची तो मै धीरे-धीरे एक गहरी सांस ले रही थी और मेरे चेहरे पर एक खुशी थी।

मैं अपने बिस्तर पर थी मैं मनोज के बारे में सोच कर खुश हो रही थी। एक दिन सुधा मेरे पास आई उसने मुझे कहा मुझे तुम्हारी मदद चाहिए थी। वह और उसके पति कुछ दिनो के लिए बाहर जा रहे थे तो सुधा चाहती थी मै मनोज के लिए खाना बनाऊ मैं खुश हो गई और सुधा को कहा तुम चिंता मत करो। शाम को मैं मनोज के लिए खाना बनाने लगी तभी मैंने दरवाज़े की घंटी सुनी और दरवाजा खोला तो मनोज दरवाजे पर था। हमने साथ मै खाना खाया, रात के खाने के बाद हम सोफे पर बैठे थे और बात कर रहे थे। मैं बाथरूम मे गई जब मै वापस लौटी तो मेरे हाथ से मोबाइल गिर गया मैं नीचे झुकी तो मैंने देखा मनोज मेरे स्तनो की तरफ देखकर घूर रहा है। जब उसे एहसास हुआ कि मुझे पता चल चुका है तो वह नजरो को मुझसे बचाने की कोशिश कर रहा था। मैंने मनोज से उसके रिश्ते के बारे मे पूछा उसने मुझे अपनी गर्लफ्रेंड के बारे मे बताया लेकिन अब वह उसे छोड़ चुका था। मैं उसके सामने बैठी थी वह मेरे बगल में बैठ गया। मैने उसके कंधे पर हाथ रखा तो उसने मेरी जांघ पर हाथ रखा। मै मचल ऊठी थी मैंने उसके पजामे को नीचे उतारा और उसका अंडरवीयर उतारा उसके मोटे लंड को देखने के लिए मै मचल रही थी। मैंने जब उसके लंड को छुआ और सहलाया तो वह खुश हो गया मैने उसके लंड को चूसा तो वह खड़ा हो गया। मनोज मुझे बोला चलो बेडरूम मे चलते है। हम बेडरूम मे आ गए उसने मुझे अपनी बाहों से पकड़ लिया और मुझे बिस्तर पर लेटा दिया। मै अपनी नाइटी ड्रेस को उतारने लगी उसने मेरी काले रंग की ब्रा और पैंटी को उतारा। उसने मेरे होठों को होंठो में लेकर चूमना शुरू कर दिया चुम्बन के बाद मैंने उसके लंड को अपने स्तन से रगड़ दिया वह अपने लंड को मेरे बूब्स पर रगड़ने लगा। मैं डॉगी स्टाइल पोज़िशन में हो गई और उससे कहा कि अपना मोटा लंड मेरी चूत में डाल दो मेरी चूत उसके लंड को अंदर लेने के लिए बेताब थी।

जब उसने लंड को मेरी चूत मे डाला तो मुझे दर्द हुआ मै चिल्लाई मुझे दर्द का एहसास होने लगा उसने मुझे तेजी से चोदना शुरू कर दिया। मेरी चूत ने पहले कभी इस तरह का लंड नहीं लिया था। वह मुझे जोर जोर से चोद रहा था मै अब सीधा लेट गर्इ वह अपने हाथ से मेरे स्तनो के मजे ले रहा था। वह मुझे जिस प्रकार से चोद रहा था उससे तो मैं पूरी तरीके से मजे में आ गई थी मनोज ने मुझे कहा अब तुम मेरे ऊपर से आ जाओ। जब मैं मनोज के ऊपर से आई तो मैंने उसके लंड को अपनी चूत मे लिया मनोज का मोटा लंड मेरी चूत मे जाते ही मैं जोर से चिल्लाई वह मुझे कहने लगा तुमने मेरे लंड को अपनी चूत मे ले लिया है मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं। मैं अपनी चूतड़ों को ऊपर नीचे कर रही थी जब मैं ऐसा करती तो मुझे बहुत अच्छा लगता और मनोज भी खुश हो रहा था मनोज मुझे कहने लगा मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने में बहुत मजा आ रहा है मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरी सारी थकान दूर हो चुकी है। मनोज ने मुझे बताया कि वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ बिल्कुल भी खुश नहीं था क्योंकि उसको वह शारीरिक सुख नहीं दे पाती थी इसलिए उन दोनों का ब्रेकअप हो गया उन दोनों के अलग होने की वजह यही थी। मैंने जब मनोज को कहा कि मैंने जब तुम्हें पहली बार देखा था तो उसी वक्त तुम्हारे साथ सेक्स करने का मन हो रहा था।

मैं और मनोज एक दूसरे से बात कर रहे थे मनोज का ध्यान सिर्फ मेरे स्तनों पर था वह मेरे स्तनों के साथ खेल रहा था मनोज मेरे स्तनों को दबाता तो मैं भी अपनी चूतडो को ऊपर नीचे करती। मनोज ने मेरी चूतडो को पकड़ लिया उसने मेरी चूतड़ों के अंदर अपने नाखून मारना शुरू किया जिस से कि मैं जोर से चिल्लाने लगी। वह मुझे बोला मै अपने आप पर काबू नहीं कर पा रहा हू। मुझे लगने लगा था मनोज के अंदर की गर्मी बहुत ही ज्यादा बढ़ चुकी है मनोज ने मुझे नीचे लेटा दिया और कुछ देर तक मनोज ने मेरी चूत के अंदर जीभ डालकर चाटना शुरु किया और काफी देर तक उसने ऐसा किया। जब वह ऐसा कर रहा था तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और मनोज का मोटा लंड लेकर मैं बहुत ज्यादा खुश थी। मनोज ने मुझे कहा मुझे तुम्हारी चूत मे मोटे लंड को डालना है। मैंने मनोज को कहा हां तुम लंड डाल दो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। वह मुझे कहने लगा तुम अपने पैरों को खोलो मैंने अपने पैरों को खोल लिया था। मनोज अपने मोटे लंड को मेरी चूत में डालने लगा उसका मोटा लंड मेरी चूत के अंदर जा रहा था जिससे कि मै चिल्ला रही थी। मनोज इतना ज्यादा खुश हो रहा था वह बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पा रहा था वह मुझे कहने लगा मैं बिल्कुल भी अपने आपको रोक नहीं पा रहा हूं ना जाने कब मेरा वीर्य बाहर की तरफ आ जाएगा। मैंने मनोज को कहा कोई बात नहीं तुम अपने माल को मेरी योनि में गिरा देना मनोज का लंड मेरी चूत के अंदर बाहर होता तो मुझे भी एहसास होने लगा था कि उसका वीर्य जल्दी गिरने वाला है और थोड़ी ही देर बाद उसने अपने वीर्य को मेरी चूत मे गिराया। जब मैंने उसके वीर्य को साफ किया तो कुछ देर हम दोनों साथ मे बैठे रहे लेकिन मेरी गर्मी कहां शांत हुई थी मैं तो चाहती थी कि मनोज के साथ मै दोबारा सेक्स का मजा लू।

मै उसके लंड को लेने के लिए तड़प रही थी वह भी कहां पीछे रहने वाला था। मैंने मनोज से कहा तुम अपने लंड को मेरी चूत मे दोबारा से घुसा दो और मनोज ने अपने लंड पर तेल की मालिश की उसका लंड पूरी तरीके से चिकना हो चुका था। मैंने उसे कहा तुम अपने लंड को मेरी चूत मे डाल दो। मनोज ने मेरी चूतड़ों को पकड़ा जब उसने अपने लंड को चूत मे डाला तो मै जोर से चिल्लाई उसका लंड मेरी चूत के अंदर चला गया था। मैंने उसको कहा मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मनोज मुझे कहने लगा मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने मनोज से कहा तुम अपने लंड को मेरी चूत के अंदर बाहर करते रहो। मनोज ने ऐसा ही काफी देर तक किया अब मेरी गर्मी को उसने इतना अधिक बढ़ा दिया था और मेरी चूत को पूरी तरीके से छिल कर रख दिया था। मैंने मनोज से कहा आज मुझे एहसास हो रहा है कि मैं पूरी तरीके से शारीरिक सुख का आनंद ले पा रही हूं।

मैंने मनोज से कहा मुझे लग रहा है मैं पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुकी हू। मनोज मुझे कहने लगा अगर तुम पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुकी हो तो मेरी गर्मी को बुझा दो। मेरी गर्मी अभी तक शांत नहीं हुई है मनोज ने मुझे अपने नीचे लेटा दिया और अपने लंड को चूत के अंदर डाला। जब उसने ऐसा किया तो मैं जोर से चिल्लाई मनोज ने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया था जिससे कि मैं काफी तेज आवाज में चिल्ला रही थी और मेरी सांसो मे लगातार बढ़ोतरी होती लेकिन मनोज की इच्छा तो पूरी नहीं हुई थी। वह मुझे ऐसे ही काफी देर तक धक्के मारे जा रहा है जब मनोज की गर्मी शांत हो गई तो उसने मेरे स्तनों पर अपने वीर्य को गिरा दिया। हम दोनों एक दूसरे के साथ लेटे हुए थे। जब तक सुधा वापस नहीं लौटी थी तब तक मनोज मेरी इच्छा को पूरा करता रहा। उसके बाद भी मैं मनोज से अपनी इच्छा पूरी करवा लिया करती मनोज मुझे चोदकर बहुत ही ज्यादा खुश हो जाता था और मुझे कहता की तुम्हारी चूत बड़ी लाजवाब है।