मै तुम से ही चूत मरवाऊंगी

Antarvasna, hindi sex kahani: मेरे और कविता के बीच में कुछ भी ठीक नहीं था हम दोनों के झगड़े अक्सर होने लगे थे मेरे माता पिता के कहने पर ही मैंने कविता से शादी की थी लेकिन मेरी शादी शुदा जिंदगी बिल्कुल भी अच्छी नहीं चल रही थी। आए दिन हम दोनों के बीच झगड़े होते रहते थे और कविता हमेशा मुझे कहती कि रोशन तुम मुझे डिवोर्स क्यों नहीं दे देते लेकिन मैं अपने माता-पिता की खुशियों के आगे बेबस था और मैं कविता को डिवोर्स नहीं दे पाया। हम दोनों के बीच रिलेशन बिल्कुल भी ठीक नहीं था और यह बात मेरे माता-पिता को पता थी लेकिन उसके बावजूद भी वह कभी मुझे इस बारे में नहीं कहते थे। एक दिन मैं अपने ऑफिस के लिए सुबह तैयार हो रहा था उस दिन कविता मुझसे कुछ ज्यादा ही झगड़ने लगी और मैंने भी उसे कह दिया कि यदि तुम्हें मेरे साथ नहीं रहना तो मैं तुम्हें डिवोर्स दे दूंगा और तुम अपने घर जा सकती हो। कविता उस दिन अपने घर चली गई शायद कविता यही चाहती थी कि मैं उसे डिवोर्स दे दूं मुझे इस बारे में बिल्कुल नहीं पता था कि कविता पहले से ही एक लड़के को प्यार करती थी।

जब मैंने कविता को डिवोर्स दिया तो उसके बाद उसने उससे शादी कर ली कविता की शादी हो चुकी थी और अब वह मेरी जिंदगी से दूर जा चुकी थी। मुझे यह लगने लगा कि मैंने इतना समय कविता के साथ बिताया और उसे पूरी खुशियां देने की कोशिश की लेकिन उसने मेरे साथ इतना बड़ा धोखा किया इस बात से मैं बहुत आहत हो चुका था और मैं बहुत ज्यादा परेशान भी रहने लगा था। मेरी बहन ममता ने मुझे कई बार इस बारे में समझाया और कहा कि रोशन तुम कविता के बारे में भूल जाओ मैंने अपनी बहन ममता को कहा कि मुझे कविता से कोई लेना देना नहीं है लेकिन जिस प्रकार से उसने मेरे साथ किया क्या वह उचित था। पापा और मम्मी को भी लगने लगा था कि उनकी गलती की वजह से ही मेरी जिंदगी बर्बाद हुई है लेकिन उनका इसमें कोई दोष नहीं था उन्हें कविता के बारे में कुछ भी नहीं पता था वह तो सिर्फ यह चाहते थे कि किसी भी प्रकार से मेरी शादी कविता के साथ हो जाए।

कविता के पिताजी और मेरे पापा एक दूसरे को काफी वर्षों से जानते हैं और उनके बीच काफी अच्छी दोस्ती भी है जिस वजह से वह लोग इस दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलना चाहते थे लेकिन ऐसा संभव हो ना सका और अब कविता और मेरा डिवोर्स हो चुका था। हमारे पड़ोस में ही एक लड़की रहने के लिए आई वह किराए पर वहां रहती थी और एक दिन जब मेरी उससे बात हुई तो उसने मुझसे मेरा नाम पूछा मैंने उसे अपना नाम बताया और उसके बाद उसने मुझे अपना नाम बताया उसका नाम संजना है। संजना हॉस्पिटल में नर्स है और जब मैंने संजना को इस बारे में बताया तो संजना मुझे कहने लगी कि तुम्हारी पत्नी कविता ने तुम्हारे साथ बहुत गलत किया मुझे भी यह पता नहीं था कि संजना और मेरे बीच इतनी अच्छी दोस्ती हो जाएगी। हालांकि हम लोगों की मुलाकात भी एक इत्तेफाक से ही हुई थी लेकिन उसके बावजूद भी हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी अच्छे से रहते और अब मैं संजना के साथ अपनी बातों को शेयर करने लगा था। संजना को भी कभी अकेलापन महसूस होता तो वह मुझसे बात कर लिया करती वह मुझसे फोन पर भी बातें कर लिया करती थी। अब संजना का हमारे घर पर आना जाना भी हो चुका था जिस वजह से मेरी मां ने एक दिन मुझे कहा कि रोशन बेटा तुम संजना से शादी क्यों नहीं कर लेते। मैंने मां से कहा मां मैंने संजना के बारे में कभी ऐसा नहीं सोचा लेकिन मां कहने लगी कि बेटा संजना बहुत ही अच्छी लड़की है और अगर तुम उससे शादी के बारे में कहोगे तो शायद वह तुम्हें मना ना करें। मैंने मां को कहा कि हां मां मैं देख लूंगा इस बारे में मैं संजना से बात करने की कोशिश करूंगा। एक दिन मैंने संजना से इस बारे में बात की तो उसने मुझे कहा मैं तुम्हें अपना अच्छा दोस्त मानती हूं लेकिन मैंने कभी भी तुमसे शादी करने के बारे में नहीं सोचा। मुझे नहीं पता था कि संजना के दिल में मेरे लिए क्या चल रहा है लेकिन उस दिन संजना ने यह साफ कर दिया कि वह मुझसे शादी नहीं करना चाहती है। संजना की उम्र 25 वर्ष की थी और उसने मुझे कहा कि हम दोनों दोस्त बनकर साथ में रह सकते हैं मैंने संजना कि बात का सम्मान किया और अब हम दोनों दोस्त थे उसके बाद मैंने कभी भी संजना को कुछ नहीं कहा और ना ही मैंने अपनी शादी के बारे में कभी संजना से बात की।

मुझे संजना पसंद थी लेकिन मैं चाहता था कि अगर संजना मुझसे खुद यह बात कही तो ज्यादा ठीक रहेगा लेकिन उसने मुझे कभी अपने दिल की बात नहीं कही। हम दोनों साथ में ही अच्छा समय बिताया करते और हम दोनों की दोस्ती अच्छी होती जा रही थी और मैं संजना को अच्छे से समझने लगा था मुझे संजना की हर एक बात अच्छी लगती थी। एक दिन जब संजना ने मुझे बताया कि उसके पापा और मम्मी उसके लिए लड़का देखने लगे हैं तो मैं उस दिन बहुत दुखी हुआ मैंने उससे बात भी नहीं की मुझे लगा कि अगर संजना की शादी हो जाएगी तो वह मेरी जिंदगी से दूर चली जाएगी और शायद मैं यह सब बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगा इसलिए मैं संजना से दूरी बनाने लगा और उससे मैं कम ही बात किया करता था। संजना मुझे फोन करती लेकिन मैं उसे कोई ना कोई बहाना बनाकर टालने की कोशिश किया करता। एक दिन  संजना घर पर आ गई जब वह घर पर आई तो उसने मुझे कहा रोशन तुम मुझसे बात क्यों नहीं कर रहे हो। हम दोनों बात कर रहे थे मेरी मां आई और वह कहने लगी बेटा में सब्जी लेने के लिए बाजार जा रही हूं थोड़ी देर बाद आती हूं।

मैंने मां से कहा क्या मैं सब्जी ले आऊ तो मां कहने लगी नहीं बेटा मैं ले आऊंगी और मां चली गई। संजना और मैं ही घर पर अकेले थे मैंने उस दिन संजना को सारी बात बताई और कहा देखो संजना अगर तुम्हारी शादी किसी और से हो जाएगी तो मैं यह बर्दाश्त नहीं कर पाऊंगा इसलिए तुमसे दूर होना ही मेरे लिए ठीक होगा। संजना को भी मेरी आंखों में प्यार दिखाई देने लगा था वह मेरे पास आकर बैठी और उसने मेरे होंठों को चूमते हुए कहा रोशन आई लव यू। उसने यह बात कही तो मेरे लिए इससे बढ़कर खुशी कुछ और थी ही नहीं मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया था। मैंने उसको किस कर दिया जिससे कि वह भी नहीं रह पाई और हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे। हम दोनों एक दूसरे के होठों को चूम कर बहुत ही ज्यादा खुश हो रहे थे और एक दूसरे के साथ काफी देर तक हम लोगों ने किस का आनंद लिया अब मेरे अंदर की गर्मी बढने लगी थी। संजना ने मुझे कहा मुझे लगता है हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी हैं संजना ने यह कहते हुए अपने कपड़े उतारे और मेरे सामने जब वह अपनी पैंटी और ब्रा में थी तो उसका बदन देखने लायक था। मैं उसके बदन को देखकर अपने लंड को हिलाने लगा जब मैं ऐसा करने लगा तो उसने मेरे लंड को अपने हाथ में लिया और अपने मुंह में लेकर उसे सकिंग करने लगी। मैंने उसे कहा तुम ऐसे ही करते रहो मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। संजना ने काफी देर तक मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लिया वह ऐसा ही कर रही थी। मैंने संजना को कहा आज तो मजा ही आ गया और उसने मेरे लंड से पूरी तरीके से पानी बाहर निकाल कर रख दिया था। जब संजना की चूत पर मैं अपनी उंगली को फेरने लगा तो वह अपने पैरों को खोलने लगी मैंने उसकी पैंटी और ब्रा को उतारकर उसके स्तनों को चूसना शुरू किया और अपने लंड को उसकी योनी पर रगडना शुरू किया। जब मैं ऐसा कर रहा था तो उसने मुझे कहा मुझे बहुत ही मजा आ रहा है वह अपने पैरों को खोलने लगी।

जब उसने अपने पैरों को खोलो तो मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को एक ही झटके में घुसा दिया जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत को फाडता हुआ अंदर की तरफ गया तो वह मुझे कहने लगी तुमने तो मेरी चूत की झिल्ली ही तोड़ दी है मेरी चूत से खून आने लगा है। मैं इस बात से और भी ज्यादा खुश हो गया और संजना को मैं अपनी बाहों में जकड़ने लगा। संजना मेरी बाहों में आकर बहुत ज्यादा खुश हो रही थी उसने मुझे कहा तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहो मैं उसकी चूत ऐसे ही मार रहा था। संजना मुझे कहती आज तो तुम्हारे साथ बहुत मजा आ रहा है काफी देर तक हम दोनों ने एक दूसरे के बदन की गर्मी को महसूस किया और फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में बनाते हुए अपने लंड पर तेल की मालिश की जब मेरा लंड पूरी तरीके से चिकना हो चुका था तो मैंने उसकी चूत के अंदर अपने लंड को घुसा दिया।

मेरा लंड उसकी योनि में जाते ही मुझे बहुत अच्छा लगने लगा उसकी योनि की चिकनाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही थी उसकी चूत की चिकनाई में इतने ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी थी उसने मुझे कहा मेरी चूत के अंदर से बहुत ज्यादा आग निकलने लगी है। मैंने उसे कहा आज मुझे बहुत अच्छा लग रहा है मैंने उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया था जब मै उसकी योनि के अंदर बाहर अपने मोटे लंड को कर रहा था तो मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और वह भी बहुत ज्यादा खुश हो रही थी। उसने मेरे साथ बड़े ही अच्छे से दिया जब वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाती तो मैं उसे कहता तुम अपनी चूतड़ों को मुझसे ऐसे ही मिलाती रहो। वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी उसकी चूतड़ों का रंग भी पूरी तरीके से मैंने लाल कर दिया था जब मैंने अपने वीर्य को उसकी योनि के अंदर गिराया तो वह मुझे कहने लगी आज तो मजा ही आ गया मैं बहुत ही ज्यादा खुश हूं। संजना और मैं बहुत ज्यादा खुश थे उसकी चूत बड़ी कमाल की है मुझे उसकी चूत मारने में बहुत ही मजा आया।