पहाड़ी पड़ोसन भाभी को हचक कर चोदा

सेक्सी भाभी की चूत मारी मैंने! वे हमारी बिल्डिंग में ही रहती थी. मेरा उनके घर में आना जाना था. उनके चुचे देखकर मुझे बड़ा लालच आता था.

मेरे प्यारे दोस्तो और सहेलियो,
मेरा नाम विक्की है. मेरी उम्र 33 वर्ष है और मैं कानपुर उत्तर प्रदेश से हूँ. मैं दिल्ली की एक आईटी कंपनी में कार्यरत हूँ.

आज मैं आपके साथ अपने जीवन से जुड़ी एक मस्त सेक्स कहानी शेयर करने जा रहा हूँ.
इस सेक्स कहानी में मैंने बताया है कि कैसे मैंने एक सेक्सी भाभी की चूत मारी!

भाभी का काल्पनिक नाम रेनू है.

दोस्तो, मैं शुरू से ही बहुत ही चोदू टाइप का था.

ये बात उन दिनों की है, जब मैं नौकरी करने के लिए दिल्ली में रहता था.

कुछ तीन साल पहले मैं जिस बिल्डिंग में रहता था, उसी बिल्डिंग में नीचे के फ्लैट में एक भाभी अपने परिवार के साथ रहती थीं.
मेरी उनसे अच्छी बोलचाल थी और घर में आना-जाना था.

रेनू भाभी बहुत ही मज़ाकिया किस्म की महिला थीं.
उनकी उम्र लगभग 42 वर्ष की रही होगी. भाभी उत्तराखंड से शिफ्ट होकर आयी थी.

उन्होंने योगा करके अपने शरीर को मस्त बना रखा था.
मस्त बड़े बड़े चुचे … फिट बॉडी और एकदम गोरा रंग था.

वे जब भी मुझसे मिलतीं या बात करतीं, तो मुझे लगता कि भाभी मुझे प्यासी नज़रों से देख रही हैं या मेरे से कुछ कहना चाहती हैं.
उनके चुचे देखकर मुझे भी बड़ा लालच आता था.

उनके पति का ट्रान्सफर गुजरात में हो गया था.
भाभी का एक बेटा गुड़गांव में रहता था, दूसरा बेटा पढ़ाई के लिए आगरा रहता था.

तो भाभी ज्यादातर घर में अकेली ही रहती थीं.

एक बार उन्होंने मुझसे मेरा मोबाइल नंबर मांगा और मैंने उनका नम्बर पूछ कर डायल कर दिया.
इससे उनका नंबर मेरे पास आ गया और मैंने भाभी का नम्बर अपने मोबाइल में सेव कर लिया.

हम दोनों के बीच अक्सर नार्मल व्हाट्सप्प चैट होती रहती थी.

उन दिनों मैं नाईट शिफ्ट में जॉब करता था.
एक रात मैं ऑफिस में था. उनका व्हाट्सप्प मैसेज आया. उसमें एक वीडियो था जो सामान्य सा था.

फिर मैंने भी उनसे बातों बातों में कहा- यह क्या नार्मल वीडियो भेज रही हो भाभी, कुछ गर्मागर्म माल हो तो दो.
उनका कोई जवाब नहीं आया.

दूसरी रात उनका फिर से एक व्हाट्सप्प मैसेज आया.
मैं उनसे फिर बोला- कुछ गर्मागर्म भेजो न भाभी.

वह बोलीं- मेरे पास ऐसा कुछ नहीं है.

मैंने बिना देर किए बोला- मेरे पास बहुत हैं … अगर आप बोलो तो भेजूं?
भाभी ने कहा- ओके, भेजो.

मैंने कहा- लेकिन आप किसी को बोलना मत … पहले प्रॉमिस करो.
भाभी ने प्रॉमिस किया.

तब मैंने उनको कुछ सेक्सी वीडियो भेज दिए.
दो दिन उनका कोई रिप्लाई नहीं आया तो मैं भी डर गया कि कहीं भाभी को बुरा न लग गया हो.

दो दिन बाद रात में उनका फिर व्हाट्सअप मैसेज आया.

वो बोलीं- इसमें इतनी देर तक खेल हुआ है … ये लोग इतनी देर तक कैसे कर लेते हैं. तुम्हारे भैया तो थोड़ी देर में ही झड़ जाते हैं.

भाभी का इतना खुला मैसेज देख कर मुझे हिम्मत आ गई.

मैंने बोला- इनका तो नहीं मालूम मगर अपनी बता सकता हूँ.
भाभी बोलीं- ठीक है अपनी ही बताओ.

मैं- मैं तो पहले कम से कम आधा घंटा चुम्मा चाटी करता हूँ, फिर आधा घंटा तक बिना रुके करता हूँ.
भाभी बोलीं- आधा घंटे तक क्या करता है?

मैंने समझ लिया- भाभी मूड में हैं, तो मैंने साफ़ लिख दिया कि आधा घंटे तक चुदाई करता हूँ.
भाभी बोलीं- ऐसा हो ही नहीं हो सकता.

मैंने कहा- कभी मौका दो, फिर दिखाता हूँ.
वह बोलीं- वो तो हो नहीं सकता.

मैंने पूछा- क्यों?
भाभी- ये गलत है.

तो मैंने कहा- गलत तो तब है, जब किसी को पता चलेगा … क्योंकि सीक्रेट रिलशनशिप में सबसे ज्यादा जरूरी होता है … अपनी बात को सिर्फ अपने तक ही रखना और अपने पार्टनर की भी इज्जत का ख्याल रखना क्योंकि जितनी आपकी इज्जत आपको प्यारी है, उतनी ही सामने वाले को भी प्यारी होती है.

मेरी बात सुनकर भाभी नानुकर करती रहीं, वो देने के लिए राजी नहीं हो रही थीं.

हमारे बीच ऐसे ही चलता रहा.

बस इसमें ये हुआ कि मेरी और भाभी के बीच सेक्सी बातें होनी शुरू हो गईं और वो अपने और अपने पति की बेमजा चुदाई की बातें बताने लगीं.

मैंने भी उन्हें अपने लंड के दीदार करवाए और उनकी चुचियों के दीदार किए.
बस भाभी ने अपनी चुत नहीं दिखाई.

एक दिन दीवाली के आस पास का टाइम था. भाभी घर में अकेली थीं. मैं मौका देख कर उनके घर गया.

मैं आज मूड बना कर गया था और अपनी जेब में कंडोम भी लेकर गया था.

मैंने उनके घर जाकर दरवाजा बंद कर दिया और भाभी को आवाज दी.

भाभी हॉल में आईं और हम दोनों बातें करने लगे.
उनकी आंखों में आज वासना भरी दिखाई दे रही थी.

मैंने उनसे पूछा- क्या हो रहा था भाभी जी … बड़ी थकी थकी सी दिखाई दे रही हैं.
भाभी अलसाई सी बोलीं- कुछ नहीं यार … वही सब, खुद को संतुष्ट करने की कोशिश कर रही थी.

उनके चेहरे पर उदासी के भाव दिख रहे थे.

मैंने कहा- मैं कुछ मदद कर दूँ.
भाभी कुछ नहीं बोलीं.

तो मैं उठ कर उनके पास बैठ गया और उनके होंठों को किस करने लगा.

भाभी बोलीं- विक्की, यह सब गलत है. किसी को पता चल जाएगा.
मैंने कहा- नहीं, किसी को कुछ भी नहीं पता चलेगा. आप मुझ पर पूरा भरोसा रखो.

ये कह कर मैंने उनको सोफे पर गिरा दिया और उनके चुचे मसलने लगा. गर्दन पर किस करने लगा.

भाभी भी मदमस्त होने लगीं और जोर जोर से सांसें लेने लगीं.

मैंने उनके ब्लाउज के हुक्स खोले और ब्रा भी उतार दी.
उनके बड़े बड़े टाइट चुचे देख कर मैं पागल ही हो गया और भाभी के मदमस्त यौवन को देखता ही रह गया.

भाभी के दूध एकदम टाईट थे और जरा भी नहीं ढलके थे.

वे भी बड़ी अदा से मुझे अपनी चूचियों को हिला कर मदहोश कर रही थीं.
उस दिन मुझे योग करने के फायदे नज़र आए.

मैंने भी देर नहीं की और झट से अपने होंठ आगे बढ़ा दिए.
भाभी ने भी अपने एक दूध को मेरे लिए आगे कर दिया.
मैंने भाभी के एक निप्पल को अपने मुँह में भर लिया और खींचते हुए चूसने लगा.

भाभी भी मस्त होने लगीं और मादक सिसकारियां लेने लगीं.

मैंने उनकी आंखों में देखा तो भाभी ने मेरे सर को अपने हाथ से पकड़ा और अपना दूध पिलाने लगीं.

एक मुंत बाद भाभी बोलीं- एक से ही मजा ले लेगा क्या?

मैंने दूसरे दूध के निप्पल को अपने मुँह में भर लिया.
अब भाभी मुझे अपने दोनों मम्मों को बारी बारी से चुसवाने लगीं और मादक आवाजें लेती हुई मुझे अपने मम्मों का रस पिलाने लगीं.

इसी बीच मैंने साड़ी को खींच कर अलग कर दिया और उनके पेटीकोट को ऊपर करके उनकी पैंटी की इलास्टिक में उंगलियां फंसा दीं

भाभी ने भी अपनी गांड को जुम्बिश दी और मैंने भाभी की पैंटी उतार दी.
अपने पेटीकोट का नाड़ा भाभी ने ढीला कर दिया और वो खड़ी हो गईं.
उनका पेटीकोट नीचे गिर गया और भाभी पूरी तरह से नंगी होकर मेरे सामने खड़ी हो गईं.

मेरी नजरें भाभी की चुत पर ही टिकी थी.
उनकी चुत एकदम चिकनी थी और बड़ी ही टाइट चूत थी.
इस उम्र में भी भाभी की चुत ऐसी होगी, ये मैं सोच भी नहीं सकता था.

मैंने उन्हें देखा तो भाभी ने मेरा हाथ पकड़ा और बेडरूम की तरफ जाने लगीं.

मैं उनकी नंगी गांड हो देख देख कर वासना के सागर में गोते लगाने लगा था.

कमरे में आकर भाभी अपनी कमर पर हाथ रख कर खड़ी हो गईं.
उन्होंने अपने दोनों टांगें चिपका चुत को छिपा लिया था.

मैंने उन्हें धक्का दिया और पलंग पर लिटा दिया.
अगले ही पल मैंने अपने सारे कपड़े उतार दिए और भाभी की तरफ वासना से देखने लगा.

मुझे नंगा देख कर भाभी पलंग पर पीछे को खिसक कर लेट गईं और उन्होंने अपनी टांगें फैला दीं.

मैंने बिस्तर के नीचे से ही उनकी चुत पर अपनी जीभ लगा दी और उनकी चूत में डाल कर चाटने लगा.

भाभी की चुदास भरी सिसकारियां और तेज हो गईं.
फिर मैंने उनकी दोनों टांगों को कुछ ज्यादा फैलाया और खुद बिस्तर के किनारे बैठ कर उनकी चुत पर झुक गया.
मैं अब भाभी की चुत को और तेज तेज चाटने लगा.

वह अपने दोनों फैलाए हुए पैरों को घुटनों से मोड़ कर मेरे सर को अपनी चुत पर दबाने लगीं.

मैं चुत के दाने को अपने होंठों से पकड़ कर खींचते हुए चुत चटाई का मजा लेने लगा.

भाभी भी मादक आवाजों के साथ मजे लेने लगीं- उईई अह्ह उह्ह म्ह्ह …

कुछ देर बाद उनका पानी छूट गया.
मैंने एक बूंद रस भी बर्बाद नहीं होने दिया और अपनी जीभ से चुत को अन्दर तक चाटने लगा.

भाभी मेरे बाल पकड़ कर सिसकारियां लेती रहीं.

पूरा रस चाट लेने के बाद भी मैं चुत चाटता रहा.
भाभी मुझसे हटने को बोल रही थीं लेकिन मैं हटा ही नहीं और चाटने में लगा रहा.

इससे थोड़ी देर बाद भाभी फिर से गर्म हो गईं.

अब मैंने उनकी दोनों टांगें अपने दोनों कंधों पर रख उनकी चूत में अपना लम्बा मोटा लंड रख दिया.

मैं चुत की फांकों में लंड का सुपारा घिसने लगा और चुत को लंड लेने के लिए ललचाने लगा.

भाभी की बेताबी बढ़ती जा रही थी और वो अपनी गांड ऊपर को उठा कर लंड चुत में लेने की कोशिश कर रही थीं.
मैं दाब देते हुए लंड चुत में घुसेड़ने लगा.

अभी मेरे लंड का सुपारा भर ही भाभी की चुत में घुसा था कि वह लंड की मोटाई से चीख पड़ीं.
उनकी चुत चिरने सी लगी थी.

मैंने अपने होंठ बढ़ाए और उनका मुँह बंद कर दिया.
नीचे मेरा सुपारा चुत फाड़ने की तैयारी में गुर्रा रहा था.

उसी पल मैंने तेज शॉट मारा और अपना पूरा लंड उनकी चूत में डाल दिया.
वह छटपटा उठीं और उनकी आंखों से आंसू आ गए.

मैं उसी पल रुक गया और उनके शांत होने का इन्तजार करने लगा.

भाभी की कसमसाहट कम होने लगी थी.
लंड ने चुत को अपने मुताबिक पसार लिया था.

फिर मैंने लंड अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया और कुछ ही धक्कों में भाभी को भी मजा आने लगा.

भाभी कामुक सिसकारियां लेने लगीं- अह्ह इहह्ह उम्म … विक्की तुम्हारा बहुत बड़ा है … तुम्हारे भइया का तो बस इसका आधा ही है.

मैं आप लोगो को बताना भूल गया कि भाभी पहाड़ी परिवार से थीं और पहाड़ी लोगो का लंड 4 से 5 इंच का ही होता है.
उस हिसाब से उनको मेरा लंड बहुत बड़ा लग रहा था जोकि उनकी बच्चेदानी तक तक पहुंच रहा था.

दूसरी बात ये थी कि भैया भाभी की चुदाई एक दो मिनट तक ही कर पाते थे जिस वजह से भाभी की चुत प्यासी रह जाती थी.

मेरे मोटे लम्बे लंड से भाभी को काफी मजा आ रहा था और वो मजे ले लेकर मेरे लंड से चुदती रहीं.

मैं भाभी को करीब 25 से 30 मिनट तक चोदता रहा और वह भी चिल्ला चिल्ला कर चुदाई के मजे लेती रहीं.

भाभी- अह्ह्ह उम्म्म् लग रही है … कितना अन्दर तक पेल रहे हो विक्की … आह मजा आ रहा … और जोर से पेलो … आंह और पेलो … आज मेरी चूत फाड़ दो!

कुछ देर बाद जब भाभी झड़ गईं तो मैंने भाभी की चुत से लंड निकाला और उसे कपड़े से पौंछ कर उनसे पोज बदलने को कहा.

भाभी ने मेरी आंखों में देखा, तो मैंने उन्हें कुतिया बन जाने का इशारा किया.

वो पलंग से नीचे उतर कर कुतिया बन गईं.

अब मैंने भाभी को कुतिया बनाकर भी चोदना चालू कर दिया था. उनके दोनों दूध पकड़ कर हचक कर चोदा और भाभी को मस्त कर दिया.

कुछ देर बाद भाभी फिर से झड़ने लगीं तो उन्होंने मुझे ऊपर आने का कहा.
मैंने झट से उन्हें अपने नीचे लिया और लंड पेल दिया.

भाभी ने मुझे कस कर पकड़ा और अपनी चूत ऊपर को उठा दी.
मैंने भी अपने लंड को उनकी चूत में झाड़ दिया.

हम दोनों बहुत देर तक ऐसे ही लेटे रहे और थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में लेकर फिर से खड़ा कर दिया.

इस बार मेरे लंड पर अपनी चूत रख कर मेरे ऊपर उछलने लगीं. इस तरह चुदाई का एक राउंड और शुरू हो गया.

मैंने उस दिन भाभी को तीन बार चोदा और मस्त कर दिया.

उसके बाद से जब भी मौका लगता, मैं उनकी चूत चोदने उनके घर चला जाता.

अभी बहुत दिन से मैंने सेक्सी भाभी की चूत मारी नहीं … क्योंकि लॉक डाउन की वजह से उनके दोनों लड़के घर वापस आ गए हैं.

दोस्तो, ये मेरी सच्ची सेक्स कहानी है, आपको कैसी लगी, मुझे ईमेल द्वारा लिखें.

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