चूत उठा उठा कर मारी antarvasna

Antarvasna, hindi sex story: पिताजी के देहांत के बाद मैं और भैया अलग रहने लगे थे हम दोनों के परिवार अब अलग रहने लगे थे क्योंकि मेरी पत्नी और भाभी के बीच में बिल्कुल भी बनती नहीं थी जिस वजह से हम लोगों ने अलग रहना ही ठीक समझा। हम लोग अभी भी अपने पुराने मकान में रह रहे थे और भैया और भाभी नये घर में शिफ्ट हो चुके थे। हालांकि मेरा उनके घर पर आना जाना लगा रहता था लेकिन भाभी का व्यवहार मेरे प्रति भी कभी ठीक नहीं था लेकिन भैया और मेरे बीच सब कुछ ठीक है। एक दिन मैं घर से दुकान के लिए निकला था उस दिन जब मैं दुकान के लिए निकल रहा था तो रास्ते में मेरी मोटरसाइकिल का टायर पंचर हो गया जिस वजह से मुझे पंचर लगवाने के लिए थोड़ा देर रुकना पड़ा। मैंने अपनी मोटरसाइकिल में पंचर लगवाया और उसके बाद मैं अपनी दुकान पर पहुंचा दुकान में काम करने वाला राजू पहले से ही दुकान में पहुंच चुका था और वह दुकान की साफ सफाई कर रहा था।

मैंने उसे कहा कि राजू तुम कब पहुंचे तो उसने मुझे कहा मालिक मैं तो आधे घंटे पहले आ गया था मैंने उसे कहा चलो तुमने ठीक किया जो दुकान कि तुम साफ सफाई करने लगे। एक चाबी राजू के पास भी रहती है, मैंने भी उसकी सफाई करने में मदद की और अब हम लोगों ने अपनी दुकान का सामान लगा लिया। मैं दुकान में बैठा ही था कि मेरे पास उस दिन मेरा दोस्त आया मेरा दोस्त जो कि मेरे साथ स्कूल में पढ़ा करता था वह मुझे कहने लगा कि सोहन काफी दिन हो गए थे तो सोचा आज तुमसे मिलता हुआ चलू।  मैंने उससे कहा क्या तुम कुछ जरूरी काम से आए थे तो उसने मुझे कहा कि हां मुझे बच्चों के लिए कुछ कपड़े चाहिए थे। मैंने राजू से कह कर उसे बच्चों के कपड़े दिखाएं और फिर उसने वह कपड़े ले लिए उसने मुझे पैसे दिए तो मैंने उसे पहले मना किया लेकिन फिर उसने मुझे कहा कि यह तुम रख लो और फिर मैंने वह पैसे रख लिए। वह ज्यादा देर दुकान में नहीं रुका और फिर वह चला गया शाम के वक्त मैं जब अपनी दुकान से घर लौट रहा था तो मेरी पत्नी ने मुझे कहा कि आप आते हुए कुछ सामान ले आना। मैंने उसे कहा ठीक है उसने मुझे बता दिया था की क्या सामान लाना है और मैं आते हुए अपने घर के पास की एक दुकान से मैंने सामान ले लिया।

जब मैं घर पहुंचा तो मेरे पत्नी कहने लगी कि आप जल्दी से हाथ मुंह धो लीजिए मैंने उसे कहा ठीक है उसके बाद मैंने हाथ मुंह धो लिया औए फिर हम दोनों साथ में बैठे हुए थे। मेरी पत्नी मुझसे कहने लगी कि मुझे कुछ पैसे चाहिए थे तो मैंने उसे कहा ठीक है मैं कल तुम्हें पैसे दे दूंगा लेकिन तुम्हें पैसे किस लिए चाहिए वह मुझे कहने लगी कि कल मैं शॉपिंग करने के लिए जा रही हूं। मैंने उससे कहा कि लेकिन तुम अकेली ही शॉपिंग करने के लिए जा रही हो क्या तो वह मुझे कहने लगी नहीं मैं पड़ोस की कमला दीदी के साथ शॉपिंग करने के लिए जा रही हूं। मैंने उसे कहा ठीक है मैं कल तुम्हें पैसे दे दूंगा और अगले दिन सुबह मैंने उसे पैसे दे दिए थे अब मैं अपनी दुकान में आ चुका था और दुकान में मैं काम कर रहा था। दुकान में उस दिन बिल्कुल भी बिक्री नहीं हुई इसलिए मैं घर जल्दी लौट आया मैं घर लौटा तो उस दिन मैंने अपनी पत्नी से पूछा क्या तुमने आज शॉपिंग कर ली है तो वह कहने लगी हां। उसने काफी सारे कपड़े खरीद लिए थे उसने मुझे दिखाया और कहने लगी कि कैसे लग रहे हैं मैंने उसे कहा कपड़े तो अच्छे हैं। कुछ दिनों से मेरा काम बिल्कुल भी ठीक नहीं चल रहा था जिससे कि मैं काफी परेशान था। एक दिन मुझे मेरा दोस्त बंटी मिला बंटी से जब मैं मिला तो उससे काफी देर तक मेरी बात हुई वह मेरी दुकान में ही आया हुआ था बंटी हमारे पड़ोस में ही रहता है और मैं उसे बचपन से जानता हूं। बंटी के पिताजी का भी गारमेंट्स का बिजनेस है और उसने मुझे कहा कि आजकल बिल्कुल भी काम अच्छे से नहीं चल रहा है। मैंने उसे बताया कि मेरा काम भी कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रहा है हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे कि तभी एक कस्टमर दुकान में आए और उन्होंने मेरी दुकान से कुछ सामान खरीद लिया वह काफी देर तक हमारे साथ भी बात करते रहे और फिर वह चले गए। बंटी ने मुझे कहा कि रमेश मैं भी अभी चलता हूं मैंने उसे कहा ठीक है और बंटी अब दुकान से चला गया जब बंटी दुकान से गया तो उसके बाद मैं भी घर जल्दी चला गया था।

मैं घर जल्दी पहुंचा तो मेरी पत्नी मेरा इंतजार कर रही थी हम दोनों घर पर अकेले थे और कुछ दिनों बाद मेरी बुआ भी घर पर आने वाली थी। उन्होंने मुझे फोन किया और कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए तुम्हारे पास रहने के लिए आ रही हूं। बुआ जी के पति का देहांत भी काफी समय पहले हो गया था और वह काफी समय बाद हमारे घर आ रही थी। जब वह घर पर आई तो मैंने उन्हें कहा कि बुआ जी अगर आपको किसी भी चीज की जरूरत हो तो मुझे बता दीजिएगा वह कहने लगी ठीक है रमेश बेटा। बुआ जी काफी दिनों तक हमारे घर पर रहीं। जब वाली चली गई तो उसके बाद मैं और मेरी पत्नी घर पर अकेले थे हम दोनों एक दिन साथ में घूमने के लिए गए। जब हम लोग उस दिन घूमने के लिए गए तो हमें बहुत ही अच्छा लगा फिर उस दिन हम लोग वापस घर लौटे तो मैंने अपनी पत्नी सुनैना से कहा काफी दिन हो गए हैं हम लोगों ने सेक्स भी नहीं किया वह भी कहने लगी अगर आपका मन आज मेरे साथ सेक्स करना है तो आप मेरे साथ सेक्स कर लीजिए।

मैंने उसे कहा मुझे आज तुम्हें चोदने का बहुत मन है वह भी इस बात से बड़ी खुश थी उस दिन जब हम दोनों के बीच में सेक्स संबंध बना तो मैं बहुत ज्यादा खुश हो गया था क्योंकि काफी दिनों बाद हम दोनों के बीच ऐसा कुछ हो रहा था। हम दोनों बिस्तर पर लेटे थे। मैंने लाइट को बुझा दिया और उसके बदन को मैं महसूस करने लगा मै सुनैना के स्तनों को बड़े अच्छे से दबाने लगा मुझे बहुत ज्यादा मज़ा आने लगा था। जब मैं उसके स्तनों को दबाकर उसको उत्तेजित करने की कोशिश करता वह उत्तेजीत हो गई थी मैंने उसके कपड़े उतारे मैं सुनैना के बदन को सहलाने लगा वह बिल्कुल भी रह नहीं पा रही थी। मैंने अब उसके स्तनों को अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू किया उसके निप्पल को मैं जिस तरह चूस रहा था उससे मुझे बहुत ही मजा आ रहा था वह उत्तेजित होने लगी थी। मैंने उसके पैरों को खोला और सुनैना कि पैंटी को उतारा तो मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया मुझे मजा आने लगा उसकी चूत को चाटने के बाद मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी। मैंने अपने लंड को उसके मुंह के सामने किया तो उसने मेरे लंड को अपने मुंह में अंदर लेकर उसे अच्छे से चूसना शुरू कर दिया। जब वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर चूसती तो मुझे बड़ा मजा आता और उसे भी बहुत मजा आने लगा था वह उत्तेजित होने लगी थी और उसकी चूत से पानी को निकाल दिया था उसने मेरी आग को इतना ज्यादा बढ़ा दिया था कि मैं अब एक पल भी नहीं रह पा रहा था। वह अपने पैर खोले लेटी थी उसकी गुलाबी चूत मेरे सामने थी मैंने सुनैना की चूत को सहलाया मैने अपनी उंगली को सुनैना की चूत मे डालकर उसे गर्म किया। जब उसकी चूत गरम हो चुकी थी और मैने उसकी चूत से पानी निकाल दिया था। मैंने अपने लंड को उसकी चूत पर लगा दिया और अंदर की तरफ अपने लंड को धकेलते हुए डाला। जैसे ही मेरा लंड उसकी चूत के अंदर गया तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आने लगा वह मुझे कहने लगी आपने मेरी चूत फाडकर मेरे अंदर की आग बढा दिया है। मेरे अंदर की गर्मी भी अब इतनी ज्यादा बढ़ने लगी थी कि मुझे मजा आने लगा था।

मैंने अब सुनैना के पैरों को अपने कंधों पर रख लिया, मैं सुनैना की चूत के अंदर बाहर अपने लंड को बड़ी आसानी से कर रहा था मैंने काफी देर तक उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को किया। मुझे मजा आने लगा था वह मुझे कहने लगी मेरे अंदर की मेरे अंदर कि आग बढती जा रही है मैंने उसे कहा मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा है वह मेरा साथ बड़े अच्छे से दे रही थी। मेरा माल जल्द ही बाहर आने वाला था जब मेरा माल गिरा तो मैंने अपने लंड को साफ किया सुनैना अब भी मेरे लंड को लेने के लिए तैयार थी उसकी चूत गर्म हो गई। मैंने उसको उलटा लेटा दिया उसकी चूतडो को मैने अपनी तरफ किया मैंने उसकी चूतडो को अपने हाथ से दबाकर उसको गरम कर दिया मुझे बहुत ही मजा आया।

मैंने उसकी चूत पर थूक लगाकर अपने लंड को सटाया जैसे ही मैंने उसकी चूत पर अपने लंड को सटाया तो उसे मज़ा आने लगा था। उसकी चूत के अंदर बाहर मै अपने लंड को करने लगा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था। सुनैना की चूत का मजा लेकर मैंने उसको पूरी तरीके से गर्म कर दिया था मैंने उसको तब तक चोदा जब तक वह पूरी तरीके से संतुष्ट नहीं हो गई थी। वह अपनी चूतड़ों को मुझसे मिलाने की कोशिश करती तो उसकी चूतड़ों पर मेरे अंडकोष टकराते उसे और भी मजा आता। मेरे लंड और उसकी चूतडो के मिलन से आवाज पैदा हो रही थी। मेरे अंदर और भी उत्तेजना पैदा हो जाती। मैं अपने माल को उसकी चूतडो के ऊपर गिराया फिर मैने उसकी चूतडो से माल को साफ किया।