चलो चुदाई करते हैं

Antarvasna, desi kahani: मैं अपने दोस्त निखिल के साथ हमारे ऑफिस की कैंटीन में बैठा हुआ था हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे निखिल ने मुझे कहा कि रोहन मेरी बहन की शादी है। मैंने निखिल को कहा कि हां तुमने मुझे इस बारे में बताया था निखिल ने मुझे कहा कि रोहन मुझे कुछ पैसों की जरूरत है। मैंने निखिल को कहा कि तुम्हें कितने पैसों की जरूरत है तुम मुझे बता देना तो निखिल कहने लगा ठीक है मैं तुम्हें बता दूंगा। निखिल को पचास हजार की जरूरत थी मैंने निखिल की मदद की तो निखिल मुझे कहने लगा कि रोहन तुमने मेरी मदद कर के मुझ पर एक एहसान कर दिया है। मैंने निखिल को कहा देखो निखिल इसमे एहसान की कोई बात नहीं है तुम मेरे दोस्त हो और तुम्हारी बहन की शादी है यदि ऐसे में मैं तुम्हारे काम नहीं आ पाया तो कब तुम्हारे काम आऊंगा। निखिल कहने लगा की मुझे इस वक्त पैसों की जरूरत थी और तुम तो जानते ही हो कि मेरी बहन की शादी में कितना ज्यादा खर्चा होने वाला है।

मैंने निखिल को कहा कि तुम चिंता मत करो सब कुछ हो जाएगा क्योंकि निखिल घर में इकलौता लड़का है और उसके पापा भी प्राइवेट नौकरी करते हैं जिससे कि उनकी आमदनी ज्यादा नहीं हो पाती है इसलिए निखिल के ऊपर ही सारी जिम्मेदारी थी। निखिल ने अपनी बहन की शादी में मुझे इनवाइट किया था मैं जब निखिल की बहन की शादी में गया तो शादी के दौरान मेरी मुलाकात संजना के साथ हुई। उसके बारे में मुझे ज्यादा पता नहीं था निखिल ने हीं मेरी मुलाकात संजना से करवाई वह उसकी रिश्तेदार थी। संजना को मुझसे मिलकर अच्छा लगा और उसके बाद एक दो बार मैं संजना से मिला था तो हम दोनों की बातें होने लगी। हम दोनों एक दूसरे को डेट करने लगे लेकिन उसने अपनी शादी के बारे में मुझे नहीं बताया था और ना ही मैंने कभी उससे इस बारे में पूछा था। जब एक दिन संजना ने मुझे कहा कि मैं तुम्हें कुछ बताना चाहती हूं तो मैंने संजना को कहा की तुम मुझे क्या बताना चाहती हो तुमने तो मुझे अपने परिवार के बारे में बता दिया है और सब कुछ तो मैं तुम्हारे बारे में जानने लगा हूं हम लोगों को डेट करते हुए पिछले 6 महीने हो चुके हैं।

संजना कहने लगी लेकिन मैंने तुम्हें अपनी शादी के बारे में नहीं बताया। संजना की यह बात सुनते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि संजना क्या कहना चाहती है। मैंने संजना से कहा कि संजना मुझे सारी बात बताओ, मैंने इस बारे में संजना से कभी पूछा भी नहीं था अगर मैं निखिल को इस बारे में पूछता तो शायद वह मुझे इस बारे में सब कुछ बता देता लेकिन निखिल और मैंने कभी इस बारे में बात ही नहीं की थी। संजना और मैं एक दूसरे के साथ बैठे हुए थे हम दोनों एक दूसरे से बातें कर रहे थे तभी संजना मुझे कहने लगी कि रोहन मुझे अभी जाना पड़ेगा। मैंने संजना को कहा ठीक है लेकिन यह बात सुनकर मुझे बहुत बुरा लगा था और मैंने उसके कुछ दिनों तक तो संजना से बात नहीं की लेकिन जब संजना ने मुझसे मिलने की बात कही तो मैं उससे मिलने चला गया। संजना ने मुझे कहा देखो रोहन मैं तुमसे प्यार करने लगी हूँ मैंने तुम्हारे साथ अपने शादी के सपने देखे है मेरे साथ जो हुआ वह सब मैं तुम्हें बता चुकी हूं वह सब मेरे परिवार वालों की मर्जी से हुआ था और मैं उससे बिल्कुल भी खुश नहीं थी इसलिए मैंने अपने पति को डिवोर्स दे दिया। मुझे समझ नही आ रहा तक कि ऐसी परिस्थिति में मुझे क्या करना चाहिए लेकिन फिर भी मैंने संजना का साथ दिया और संजना और मैं एक साथ रिलेशन में थे। हम दोनों एक दूसरे को बहुत प्यार करने लगे लेकिन उसके बाद मुझे संजना कहने लगी की मैं अब जॉब करने के लिए बेंगलुरु जा रही हूं। मैंने संजना को कहा लेकिन तुम्हें बेंगलुरु जाने की जरूरत क्या है मैं यहां हमारी शादी के बारे में अपने घर वालों को मनाने की कोशिश कर रहा हूं और तुम बेंगलुरु जाने की बात कर रही हो। संजना मुझे कहने लगी कि रोहन तुम तो जानते ही हो ना कि मैं अपने घर पर डिपेंड नहीं रहना चाहती हूं मैं अपने मम्मी पापा पर बोझ नहीं बनना चाहती हूं इसलिए मुझे कुछ तो करना पड़ेगा और मुझे बेंगलुरु में एक अच्छे सैलेरी पैकेज पर जॉब मिल रही है तो भला मैं जॉब क्यों ना करूं।

मैंने भी संजना की बात मान ली मेरे पास उसकी बात मानने के अलावा और कोई दूसरा रास्ता भी तो नहीं था मैं संजना की बात मान चुका था और अब हम लोग एक दूसरे से दूर होने वाले थे। संजना मुझसे मिलो दूर अब बेंगलुरु जाने वाली थी जिस दिन संजना जाने वाली थी उस दिन मैं उसे छोड़ने के लिए एयरपोर्ट तक भी गया। मैं नहीं चाहता था कि संजना मुझसे दूर बेंगलुरु जाए लेकिन संजना की जिद के आगे मैं कुछ कह ना सका और संजना बेंगलुरु चली गई। हम दोनों की बातें सिर्फ फोन पर ही हो पाती थी मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था कि हमारे रिलेशन का आखिर क्या होगा क्योंकि मैंने अपने परिवार वालों से इस बारे में बात कर ली थी और वह लोग संजना से मिलना चाहते थे लेकिन मैंने अभी तक उसकी शादी के बारे में घर में किसी को नहीं बताया था। संजना से मैंने एक दिन फोन पर कहा कि तुम कुछ दिनों के लिए घर आ जाओ तो वह मुझे कहने लगी की रोहन अभी मेरा घर आना तो मुश्किल होगा लेकिन जल्द ही मैं घर आ जाऊंगी मैंने संजना से कहा ठीक है। संजना ने उसके बाद मुझे करीब 10 दिनों बाद फोन किया वह कहने लगी कि मैं कुछ दिनों के लिए घर आ रही हूं मैंने संजना को कहा ठीक है और संजना उसके बाद कुछ दिनों के लिए घर आ गई। जब वह घर आई तो मैं और संजना उसके बाद एक दूसरे से मिले मुझे काफी दिनों बाद संजना से मिलकर अच्छा लग रहा था।

वह मुझे कहने लगी कि रोहन काफी दिनों बाद तुमसे मिलकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने संजना को कहा चलो कम से कम तुम्हें मेरी याद तो आई और तुम कुछ दिनों के लिए घर आ गई मैं चाहता हूं कि तुम मेरे पापा मम्मी से मिलो संजना कहने लगी कि ठीक है मैं तुम्हारे पापा मम्मी से मिल लूंगी। जब वह मेरे पापा मम्मी से मिली तो उन्हें संजना काफी पसंद आई लेकिन अभी तक मैंने किसी को संजना की शादी के बारे में नहीं बताया था। मैंने इस के बारे में संजना से बात की तो उसने मुझे कहा कि तुम्हें मेरी शादी के बारे में उन्हें बता देना चाहिए मैंने संजना को कहा कि पहले हम लोगों को शादी कर लेनी चाहिए उसके बाद मैं इस बारे में घर में बात कर लूंगा। संजना कहने लगी कि ठीक है रोहन जैसा तुम्हें ठीक लगता है। मैंने और संजना ने शादी करने का मन बना लिया था। संजना कुछ दिन घर पर ही रहने वाली थी एक दिन संजना ने मुझे घर पर बुला लिया जब मै संजना के घर पर गया तो उस दिन वह घर पर अकेली थी। हम दोनों साथ में बैठे हुए थे और बातें कर रहे थे तभी मैंने संजना कि किस कर दिया वह मुझे कहने लगी रोहन तुम यह क्या कर रहे हो। मैंने संजना के होठों को चूम लिया मैंने उसके होठों को किस किया तो उसे बड़ा अच्छा लगने लगा और वह मुझे कहने लगी मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। संजना और मैं एक दूसरे के साथ किस का मजा ले रहे थे अब मुझे अच्छा लगने लगा था। उसने मुझे कहा मुझे ज्यादा देर ना तडपाओ उसने अपने कपड़े उतार दिए हम दोनों की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी शायद यही वजह थी कि हम दोनों बिल्कुल भी अपने अंदर की गर्मी को रोक नहीं पा रहे थे। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला उसने उसे अपने कोमल हाथों में लिया और उसे हिलाना शुरू किया वह मेरे लंड को बड़े अच्छे से हिला रही थी और मुझे मजा आने लगा था।

जब मैंने संजना से कहा मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तो वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेने लगी। उसने जब मेरे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर उसे चूसना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा और उसको भी मज़ा आने लगा। वह मेरे लंड को ऐसे चूस रही थी जिस से मेरे लंड से पानी बाहर निकालने लगा। उसने मेरे लंड से पूरे पानी को बाहर निकाल दिया था और मेरी गर्मी को उसने बढा कर रख दिया था मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। वह अपने आपको बिल्कुल रोक ना सकी मैंने उसे कहा मुझे बड़ा ही अच्छा लग रहा है मैंने संजना की चूत को चाटना शुरू किया और उसकी योनि को चाट कर मुझे मजा आने लगा था। जब मैं उसकी योनि को चाट रहा था तो उसकी चूत से पानी बाहर निकलने लगा मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा ल

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ग रहा था और मेरे अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैंने संजना की योनि के अंदर अपने लंड को डाला तो वह बहुत जोर से चिल्लाई और मुझे कहने लगी तुमने मेरी चूत ही फाड़ दिया है। मैंने उसे कहा वैसे भी शादी के बाद हम लोगों को ऐसा करना ही था।

संजना भी तड़पने लगी थी वह मुझे अपने पैरों के बीच मे जकडने की कोशिश करने लगी। मैं उसके स्तनों को चूसता तो वह अपने मुंह से सिसकारियां लेकर मुझे गरम करने की कोशिश करती। वह बहुत ही ज्यादा गर्म होने लगी थी उसके अंदर की गर्मी बहुत ज्यादा बढ़ने लगी थी वह बहुत अधिक गरम हो चुकी थी मुझे उसे धक्के मारने में मजा आने लगा था और संजना भी बड़ी खुश थी जिस प्रकार से मैं उसे चोद रहा था। मैंने उसे काफी देर तक चोदा और उसकी चूत का भोसड़ा बना दिया। वह मुझे कहने लगी आज तो मजा ही आ गया मैंने उसके दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख लिया और उसे बडी तीव्रता से चोदने लगा। मैंने उसकी चूत से निकलते हुए पानी को और भी ज्यादा बढ़ा दिया था जब मैंने अपने वीर्य की पिचकारी को उसकी चूत के अंदर मारा तो वह खुश हो गई हालांकि उसके बाद हम लोगों ने दो बार और सेक्स का मजा लिया लेकिन मुझे बड़ी खुशी हुई मै संजना कि चूत के मजे ले पाया। हम दोनों ने शादी कर ली है लेकिन मैंने अभी तक संजना की शादी के बारे में किसी को कुछ बताया नहीं है।

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