दो बदन एक दूसरे के लिए

मैं और कविता एक ही ऑफिस में नौकरी करते हैं इसलिए हम दोनों एक दूसरे के बहुत करीब आ गए और अब हम दोनों ने एक दूसरे से अपने दिल की बात भी कह दी थी। कविता ने हीं मुझे प्रपोज किया था और मैं कविता को मना नहीं कर पाया क्योंकि कविता को मैं दिल ही दिल चाहता था हम दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे जिस वजह से मैं कविता को मना ना कर सका और कविता और मेरा रिलेशन चलने लगा। जल्द ही कविता ने अपने परिवार वालों से मुझे मिलवा दिया था जब उसने मुझे अपने परिवार वालों से मिलवाया तो उसके पापा और मम्मी मुझसे मिलकर काफी खुश हुए वह मुझसे काफी प्रभावित भी थे। हम दोनों जल्द ही एक दूसरे से सगाई करना चाहते थे और अब इस बात से किसी को भी कोई आपत्ति नहीं थी सब लोग हम दोनों के प्यार से खुश थे। कुछ ही दिनों बाद हम दोनों की सगाई हो गयी थी। हम दोनों की सगाई हो जाने के बाद हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगे क्योंकि कविता मेरे साथ ऑफिस में ही जॉब करती थी इसलिए अक्सर हम दोनों एक दूसरे को मिलते ही रहते थे और ऑफिस खत्म हो जाने के बाद भी हम दोनों साथ में समय बिताया करते।

मुझे कविता के साथ समय बिताना अच्छा लगता है। एक दिन कविता और मैं साथ में कॉफी शॉप में बैठे हुए थे उस दिन हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे लेकिन किसी बात को लेकर कविता और मेरे बीच में मतभेद हो गए जिससे की कविता गुस्से में अपने घर चली गई। कविता ने मुझसे उसके अगले दिन भी बात नहीं की और मुझे ही कविता से माफी मांगनी पड़ी। मैंने कविता से कहा कविता तुम्हें मैंने कल भी मैसेज किया था लेकिन तुमने मेरे मैसेज का कोई रिप्लाई नहीं किया। कविता ने मुझे कहा कि राजेश मैं तुमसे प्यार करती हूं और हम लोगों की जल्दी शादी होने वाली है लेकिन तुम मुझसे अगर इस तरीके से बात करोगे तो ज्यादा समय तक हम दोनों का रिलेशन नहीं चल पाएगा। कविता की बात सुनकर मैंने उससे कहा कि मुझे पता है कविता कि तुम अपनी जगह बिल्कुल सही हो लेकिन तुम यह बात तो जानती ही होगी कल की बात के लिए मैं तुमसे माफी मांग चुका हूं।

कविता कहने लगी कि ठीक है राजेश अब इस बात को भूल जाते हैं और उस दिन हम दोनों हमारे ऑफिस के बाहर ही एक छोटी सी कैंटीन हैं हम लोग वहीं पर बैठे हुए थे। काफी समय हम दोनों ने साथ में बिताया और फिर मैं कविता को उसके घर छोड़ने के लिए चला गया। हम दोनों के बीच सब कुछ ठीक हो चुका था कभी कबार हम दोनों के बीच झगड़े हो जाते थे लेकिन उसे हम दोनों सुलझा लिया करते थे। अब जल्द ही हम लोगों की शादी भी होने वाली थी और शादी की लगभग सारी तैयारियां हो चुकी थी मैंने भी शॉपिंग कर ली थी और कविता ने भी शॉपिंग कर ली थी। कविता की शॉपिंग करने में मैंने और मेरी बहन ने उसकी काफी मदद की मेरी बहन के साथ कविता की काफी अच्छी बनती है जिस वजह से वह लोग अक्सर एक दूसरे से फोन पर बात करते रहते हैं। कविता ने मुझे कहा कि राजेश जल्द ही हम लोगों की शादी होने वाली है और मैं इस बात से बहुत ही खुश हूं। थोड़े ही दिनों बाद हम दोनों की शादी हो गयी और जब हम लोगों की शादी हुई तो उसके बाद कुछ समय के लिए मैंने अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और कविता ने भी ऑफिस से छुट्टी ले ली थी। हम दोनों साथ में ही कुछ समय बिताना चाहते थे लेकिन अभी भी घर में हमारे सारे मेहमान थे इस वजह से हम दोनों साथ में समय नहीं बिता पा रहे थे तो मैंने घूमने का प्लान बनाया और कविता से कहा कि क्यों ना हम लोग शिमला घूमने के लिए चलें। कविता कहने लगी कि हां राजेश तुम बिल्कुल ठीक कह रहे हो क्योंकि हम दोनों साथ में घूमने भी नहीं गए थे और मुझे भी कविता के साथ अकेले में समय बिताना था। उसी दिन कविता के मेल बॉक्स पर मैंने जब मैसेज देखा तो मैंने कविता से कहा कि कविता तुमने जिस कंपनी में इंटरव्यू दिया था वहां पर तुम्हारा सिलेक्शन हो चुका है। कविता ने मुझसे कुछ नहीं कहा लेकिन उस वक्त तो मैंने भी उसे कुछ नहीं कहा लेकिन उसके अगले दिन कविता ने मुझे इस बारे में बताया और कहने लगी की राजेश तुम तो जानते ही हो कि मैं हमेशा से ही चाहती थी कि मैं अमेरिका जॉब करने के लिए जाऊं और अब मेरा यह सपना पूरा होने जा रहा है।

मैंने कविता से कहा लेकिन कविता हम लोगों की शादी को भी कुछ हीं दिन हुए हैं तो कविता कहने लगी कि राजेश तुम तो जानते ही हो कि अगर मैं अमेरिका चली जाऊँ तो मेरा सपना भी पूरा हो जाएगा। मैंने कविता को कहा कविता तुम यदि अमेरिका जाना चाहती हो तो तुम कुछ समय बाद चले जाना और अब तुम अमेरिका जाकर क्या करोगी। कविता कहने लगी कि देखो राजेश अभी फिलहाल इस बात को हम लोग भूल कर अपनी जिंदगी को अच्छे से जीते हैं, हम लोग शिमला चलते हैं। मेरे दिमाग में तो यही चल रहा था कि कविता अमेरिका चली जाएगी लेकिन मैंने शिमला में सारा अरेंजमेंट करवा दिया था और फिर हम लोग शिमला घूमने चले गए। मेरा मन बिल्कुल भी नहीं लग रहा था मेरे दिमाग में सिर्फ यही चल रहा था की कविता अगर अमेरिका चली गई तो मैं अकेला हो जाऊंगा और मुझे कविता के बिना रहने की बिल्कुल भी आदत नहीं थी। कविता को भी यह बात अच्छे से मालूम थी लेकिन कविता मुझे कहने लगी राजेश फिलहाल तुम यह बात भूल कर मेरे साथ अच्छा समय बिताओ जो मुझे याद भी रहे।

मैंने कविता से कहा कविता तुम्हारे अमेरिका चले जाने के बाद मुझे बड़ा अजीब सा महसूस होग और मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगेगा। कविता ने मुझसे कहा तुम उसकी चिंता मत करो और उस दिन मौसम काफी सुहावना था इसलिए कविता भी कहीं ना कहीं मेरे साथ सेक्स करने के लिए तैयार थी उसने मेरे होंठों को चूम लिया। हम दोनों रूम में ही थे जब उसने मेरे होंठों को चूमा तो वह मेरी गोद में बैठ गई और उसकी चूतडे मेरे लंड से टकराने लगी वह मुझे कहने लगी मुझे घर पर तो सेक्स करने का मौका मिल नहीं पाया लेकिन यहां तो हम लोग जमकर सेक्स का मजा ले सकते हैं। मैं कविता के स्तनो को दबाने लगा मैं उसके स्तनो को अपने हाथों से दबाता तो मुझे मजा आ रहा था और उसे भी बड़ा अच्छा लग रहा था फिर मैंने उसे बिस्तर पर लेटा दिया। मैंने अब उसके कपड़े उतार दिए थे कविता की ब्रा खोलने के बाद मैंने उसके निपल्स को अपने मुंह में लेना शुरू किया उसकी निपल्स को मुंह मे लेकर मजा आने लगा था और मुझे उसके निप्पल को चूसने में मजा आ रहा था। उसके शरीर की गर्माहट भी बढ़ती जा रही थी मैंने उसके स्तनों को अपने मुंह में लेने की कोशिश की उसके स्तन मुंह के अंदर लेकर मजा आ रहा था। कविता मुझे कहने लगी राजेश तुम भी अपने कपड़े उतार दो मैंने अपने कपड़े उतार दिए और कविता के स्तनों के बीच अपने लंड को रगड़ने लगा जब मैं ऐसा कर रहा था तो मेरे लंड से पानी निकलने लगा। कविता ने मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ा और उसे उसने अपने मुंह के अंदर समाया तो मेरे अंदर की गर्मी बहुत बढ गई। मैंने उसे कहा तुमने मेरे लंड से पानी बाहर निकाल दी है वह इतनी ज्यादा उत्तेजित हो चुकी थी की मै अपने आपको बिल्कुल भी रोक नहीं पा रही थी। मैंने भी उसके गले के अंदर तक अपने लंड को डाल दिया था और उसने बड़े ही अच्छे से मेरे मोटे लंड को चूसा और उससे पानी बाहर निकाल दिया। मेरे लंड से बहुत ही ज्यादा पानी निकलने लगा था मेरा लंड अब कविता की चूत में जाने के लिए तैयार था।

मैंने कविता की चूत पर अपने उंगली को लगाया और सहलाना शुरू किया कविता ने मुझसे कहा अब अपने लंड को मेरी चूत में डालकर मेरी प्यास को बुझा दो मैं तड़प रही हूं उसने अपने पैरों को खोला और मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया तो मुझे मजा आने लगा। उसकी चूत को चाटकर एक अलग ही आनंद आ रहा था मैंने अपने लंड को उसकी योनि के अंदर डालना शुरू किया तो वह बहुत जोर से चिल्लाने लगी और कहने लगी मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है तुम ऐसे ही मुझे तेजी से धक्के मारते रहो। मैं उसे बड़ी तेज गति से चोद रहा था और उसे चोदने में मुझे अलग प्रकार का आनंद आ रहा था और वह भी बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। वह अपने पैरों को खोलकर मुझे कहती मुझे और तेजी से चोदो और मेरी चूत फाड़ कर रख दो कविता मेरे लंड के लिए तड़प रही थी वह बहुत ज्यादा खुश हो गई।

मेरी गर्मी बढ़ चुकी थी मै उसकी चूत के अंदर बाहर अपने लंड को बड़ी तेजी से कर रहा था जब मैं ऐसा कर रहा था तो मेरे लंड और उसकी चूत से जो गर्मी पैदा हो रही थी उस से मुझे लगने लगा था कि मेरे अंडकोषो से मेरा वीर्य जल्दी ही बाहर आने वाला है और जैसे ही मेरे वीर्य की पिचकारी बाहर की तरफ गिरने वाली थी तो मैंने अपने वीर्य को कविता की चूत में गिरा कर अपनी प्यास को बुझा दिया और कविता की गर्मी अब शांत हो चुकी थी थोड़ी देर बाद मैंने उसकी चूत से अपने वीर्य को साफ किया और दोबारा से उसे चोदना शुरू किया करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद उसकी इच्छा को मैं अच्छे से पूरा कर चुका था और वह बहुत ज्यादा खुश हो गई थी। थोड़े समय के बाद वह अमेरिका चली गई लेकिन मैं अभी भी कविता का इंतजार कर रहा हूं जब कविता आएगी तो मैं उसकी चूत फाड़ कर रख दूंगा और वह भी मेरे लंड को लेने के लिए तड़प रही है।

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