अशोक ने तोड़ी मेरी चूत की सील

Antarvasna, kamukta: एक बार मैं अपने मामा की लडक़ी की शादी में इंदौर गयी इंदौर जाते वक्त मुझे ट्रेन में एक लड़का मिला जो कि मुझे काफी अच्छा लगा उस लड़के ने मेरी काफी मदद की। मैं अकेले ही अपने मामा की लड़की की शादी में गयी थी तो रास्ते भर उस लड़के ने मेरा अच्छा साथ दिया उसने मेरा सामान रखने में भी मेरी मदद की और वह मेरे बगल वाली सीट पर ही बैठा हुआ था। उसके होने से रास्ते भर सफर का मुझे पता ही नही चला की कब मैं इंदौर पहुंच गई। मैं कोलकता की रहने वाली हूँ और मेरा नाम सिमरन है मैं बहुत ही बिंदास किस्म की लड़की हूँ मुझे कहीं भी जाने के लिए किसी की जरूरत नही पड़ती मैं अकेले ही कोई भी सफर तय कर लेती हूँ। मुझे घूमने का बहुत शौक है इसी वजह से मैं अपने मामा की लड़की की शादी में इंदौर गयी थी ताकि कुछ समय मैं इंदौर में बिताऊं। जब मैं इंदौर गयी तो मुझे वहां पर बहुत अच्छा लगा मैंने कुछ दिन इंदौर में घूमने का प्लान बनाया था।

मैंने अपने ऑफिस से कुछ दिनों की छुट्टी ली हुई थी ताकि मैं इंदौर अच्छे से घूम सकूं। शादी के दौरान भी मैंने सबके साथ खूब एन्जॉय किया शादी हो जाने के बाद मैं वापस घर लौट आई थी और अगले दिन से मैं अपने ऑफिस जाने लगी। ऑफिस के चलते मैं काफी व्यस्त रहती हूँ मुझे किसी भी चीज के लिए समय नही मिल पाता लेकिन मैं अपने घूमने के लिए किसी भी सूरत में समय निकाल ही लिया करती हूं। मुझे नई नई जगह घूमने का काफी शौक है मेरे दोस्त जब भी घूमने का प्लान बनाते है तो वह लोग मुझे जरूर अपने साथ चलने को कहते और मैं भी उनके साथ चलने को हमेशा तैयार रहती हूँ। एक दिन मेरी सहेली शीतल की बर्थडे पार्टी थी तो उसने हमारे सारे दोस्तो को उसमे इनवाइट किया था और मैं भी उसकी बर्थडे पार्टी में गयी हुई थी। जब मैं उसके घर उसकी बर्थडे पार्टी में गयी तो मैंने उस दिन उसी लड़के की वहां पर देखा जो इंदौर जाते वक्त मुझे ट्रेन में मिला था मैं उसे देख कर काफी खुश हुई और मैं उससे बात भी करना चाहती थी। मैंने जब उससे बात की तो उसने भी मुझे पहचान लिया था और फिर उस दौरान हम दोनों की दोस्ती भी हो गयी। हम एक दूसरे से बाते कर रहे थे तभी वहां पर शीतल भी आ गयी शीतल कहने लगी कि क्या तुम दोनों एक दूसरे को जानते हो। मैंने शीतल से कहा कि हमारी मुलाकात इससे पहले एक बार ट्रेन में हुई थी उस वक्त हम लोग इंदौर जा रहे थे।

शीतल ने मुझे बताया कि वह उसकी बुआ का लड़का है और कुछ दिनों के लिए वह कोलकता आया हुआ है। उसका नाम अशोक है अशोक अपने किसी काम से कोलकता आया हुआ था और वह कुछ दिन कोलकता में ही रुकने वाला था। इस बात से मैं काफी खुश थी कि अशोक कुछ दिनों तक कोलकता में ही रुकने वाला है और उस दौरान मेरी अशोक से काफी अच्छी बात चीत हो गयी थी। मुझे जब भी समय मिलता तो मैं शीतल के घर चले जाया करती थी और इस बहाने अशोक से भी मेरी मुलाकात हो जाती थी। हम दोनों के बीच काफी बनने लगी थी और मेरे पास अशोक का नंबर भी आ चुका था।  मेरे और अशोक के बीच में बातें होने लगी थी। हम दोनों की बातें काफी ज्यादा होने लगी थी जिस वजह से मैं काफी ज्यादा खुश रहने लगी थी। मैं जब भी अशोक से बातें करती तो मुझे अच्छा लगता कहीं ना कहीं मुझे अशोक से बाते करना बहुत ज्यादा अच्छा लगने लगा था। एक रात हम दोनों फोन पर बातें कर रहे थे लेकिन अब बातें कुछ गरमा गरम होने लगी थी। हमारी बातें सेक्स को लेकर होने लगी। मैं बहुत ज्यादा खुश हो चुकी थी। अशोक भी बहुत ज्यादा खुश था वह मुझसे बातें कर रहा है।

हम दोनों की बातें कुछ ज्यादा ही गरमा गरम होने लगी थी इसलिए उस रात मैंने अपनी योनि में उंगली डालकर अपनी गर्मी को शांत किया लेकिन अब अशोक और मैं एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए बहुत ज्यादा तड़पने लगे थे। हम दोनों चाहते थे हम दोनों एक दूसरे के साथ शारीरिक सुख का मजा ले इसीलिए मैंने जब अशोक को अपने घर पर मिलने के लिए बुलाया तो वह मेरे घर पर आ गया। पापा और मम्मी अपने किसी परिचित के घर पर गए हुए थे मैं घर पर अकेली थी। मेरा मन अशोक के साथ शारीरिक सुख लेने का था। मैंने ऐसा ही किया जब अशोक और मैं साथ मेरे बीच किस होने लगा तो हम दोनों एक दूसरे के होंठों को चूमने लगे थे। हम दोनों ने एक दूसरे की गर्मी को इस कदर बढ़ा दिया कि हम दोनों बिल्कुल भी रह नहीं पा रहे थे ना तो मैं अपने आप रोक पा रहा था और ना ही अशोक अपने आपको रोक पा रहा था। मैंने उसको कहा तुम मेरी गर्मी को पूरी तरीके से बढा चुके हो। मैंने अपने बदन से पूरे कपड़े उतार दिए थे मैंने अपने बदन से जब कपड़े उतारे तो उसने मुझे कहा  तुम्हारा बदन बड़ा ही लाजवाब है। मैंने भी अशोक को कहा तुम बहुत ज्यादा अच्छे हो अशोक ने मेरे स्तनों को अपने हाथों से दबाना शुरू किया।

वह जब मेरे स्तनों को अपने हाथों से दबा रहा था तो मुझे मजा आने लगा था और अशोक को भी काफी ज्यादा अच्छा लग रहा था मेरे और अशोक की गर्मी बढ़ती ही जा रही थी। हम दोनों पूरी तरीके से गर्म हो रहे थे मैंने अशोक से कहा तुम मेरी योनि को चाट लो। अशोक ने मेरी चूत को चाटना शुरू किया जैसे ही उसने मेरी चूत पर अपनी जीभ को लगाया तो वह मुझे कहने लगा तुम्हारी चूत तो बहुत ही कोमल है। मैंने उसे कहा मैंने आज तक कभी भी किसी के साथ सेक्स नहीं किया है यह पहली बार है जब मैं किसी के साथ सेक्स कर रही हूं। वह मुझे कहने लगा अब तो मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आएगा और यह कह कर जब उसने मेरी चूत के अंदर उंगली घुसाने की कोशिश की तो मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा था लेकिन मैं कुछ समझ नहीं पा रही थी आखिर हो क्या रहा है मेरे अंदर करंट दौडने लगा था और मुझे बहुत ही मजा आने लगा था। मैंने अशोक को कहा मुझसे रहा नहीं जा रहा है तुम मुझे इतना ना तड़पाओ। वह कहने लगा तुम मेरे लंड को अपने मुंह में ले लो। मैंने उसे कहा हां क्यों नहीं और मैंने जैसे ही अशोक के मोटे लंड को अपने मुंह के अंदर लेकर उसे सकिंग करना शुरू किया तो उसको मजा आने लगा और मुझे भी मजा आने लगा था अशोक और मैं पूरी तरीके से गर्म हो गए। मैंने अशोक के लंड को तब तक चूसा जब तक वह मेरे अंदर की गर्मी को पूरी तरीके से बढा नहीं चुका था।

हम दोनों को ही बहुत मजा आने लगा था हम दोनों ही बहुत ज्यादा गरम हो चुके थे और अब ना तो मैं अपने आपको रोक पा रही थी और ना ही अशोक अपने आपको रोक पा रहे थे। मैंने उनको कहा मैं अब तुम्हारे लंड को चूत में लेने के लिए तैयार हूं। अशोक ने मेरी योनि का स्पर्श किया और मेरी योनि से निकलती हुई गर्मी को वह और भी ज्यादा बढ़ा चुका थे। मैंने जैसे ही अशोक से कहा तुम मेरी चूत में लंड घुसा दो तो अशोक ने तेज झटके के साथ मेरी योनि के अंदर अपने मोटे लंड को प्रवेश करवा दिया। अशोक का लंड मेरी योनि में प्रवेश हो चुका था और मैंने उसको कहा मुझे बहुत ज्यादा मजा आने लगा है। अशोक मुझे कहने लगा तुम मेरा साथ बस ऐसे ही देती जाओ। मैंने अपने पैरों को खोला हुआ था लेकिन मुझे एहसास हो रहा था कि मेरी चूत से खून निकलने लगा है। मैंने जब अशोक से इस बारे में पूछा तो अशोक ने कहा तुम्हारी योनि से खून निकलने लगा है मेरे अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी और अशोक के अंदर की गर्मी भी काफी ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैं अच्छी तरीके से अपनी चूत में लंड ले रही थी अशोक मुझे बड़े ही अच्छे तरीके से धक्के मार रहे थे और मेरी योनि से खून लगातार तेज गति से निकल रहा था। मैंने अशोक को कहा तुम मुझे घोड़ी बनाकर चोदा लेकिन अशोक ने मुझे डॉगी स्टाइल पोजीशन में बनाते हुए चोदना शुरू किया।

मेरी योनि में अशोक का लंड जा चुका था और वह मुझे बड़ी ही तेजी से चोद रहे थे। मुझे मजा आने लगा था और थोड़ी ही देर में अशोक का वीर्य मेरी चूत में जा चुका था। अशोक का माल मेरी चूत में जा चुका था और मैंने अशोक से कहा तुम मेरी योनि को साफ कर लो। अशोक ने मेरी योनि को साफ किया और उसके बाद दोबारा से अशोक ने मेरे साथ सेक्स करना शुरू किया। अशोक ने मुझे डॉगी स्टाइल पोजीशन में ही चोदना शुरु किया और जिस प्रकार से अशोक ने मेरी चूत के अंदर बाहर अपने मोटे लंड को किया उससे मुझे मजा आने लगा था मैं बहुत ही ज्यादा जोरों से सिसकारियां ले रही थी।

जब मैं सिसकारियां लेती तो मेरे और अशोक के अंदर की गर्मी बढ़ती जा रही थी हम दोनों एक दूसरे का साथ बड़े ही अच्छे से दे रहे थे लेकिन अब मुझे लगने लगा था कि मैं अशोक का साथ दे नहीं पाऊंगी मैं झड़ चुकी थी लेकिन अशोक अभी तक थके नही थे परंतु जैसे ही अशोक का वीर्य मेरी चूत में गिरा तो मुझे मजा आ गया। मैं आप शांत हो चुकी थी अशोक ने मुझे कहा आज मुझे मजा आ गया जिस प्रकार से मैंने तुम्हारे साथ सेक्स का मजा लिया उससे मैं बहुत ज्यादा खुश हूं। उसके बाद भी हम दोनों एक दूसरे को मिले लेकिन अब हम दोनों की फोन के माध्यम से ही बात हो पाती है। जब भी हम दोनों एक दूसरे से फोन पर बातें करते हैं तो हम दोनों को ही अच्छा लगता है और हम दोनों ही फोन सेक्स के माध्यम से अपनी इच्छा को पूरा करते हैं। मैं अशोक को बहुत ज्यादा मिस करती हूं और अपनी पहली चुदाई के बारे में सोच कर मेरी योनि से पानी बाहर निकल आता है।

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